मूंगफली और खजूर

सर्दियों में मूंगफली और खजूर की मांग बढ़ जाती है। लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं। स्वाद के साथ ही ये दोनों कई बीमारियों से भी बचाव करते हैं। 
अनमोल खजाना
मनुष्य के खाने पीने का वास्तव में तो समय निर्धारित है। लेकिन इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में सही समय पर शायद ही खान पान हो पाता है। फिर भी शरीर को स्वस्थ रखना तो जरूरी है। यदि शरीर स्वस्थ नहीं है , तो जीवन में नीरसता और निर्बलता का होना निष्चित है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे पोषक पदार्थ एवं बलदायक खाद्य , फल और कंद आदि बताये हैं, जो सहज ही उपलब्ध हैं और गुणकारी भी हैं। उनमे से दो का उपयोग बहुत जरूरी है। पहला खजूर और दूसरा मूंगफली, जो स्वाद के अलावा स्वास्थ्य के लिए भी काफी उपयोगी हैं। 



खजूर 

हम सभी जानते हैं की खजूर किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं। इसे खाने से कई लाभ हैं। खजूर में विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, ए और विटामिन सी पाया जाता है। यह पोटैशियम से भरपूर और सोडियम रहित होता है। इसको अधिकतर हम सर्दियों में खाते हैं। 
अनमोल खजाना


खजूर के फायदे 

  • पाचन शक्ति कमज़ोर है, तो खजूर का सेवन करें। यह पेट सम्बन्धी बीमारियों में लाभदायक होता है। भूख लगती है और हाजमा सही होता है। 
  • थकान महसूस हो, तो तीन से पांच खजूर रोज खाएं। इससे आपको शरीर में लौह तत्व की पूर्ति होगी।
  • हृदय रोगियों के लिए तीन से पांच खजूर खाना हितकर है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है, जो हृदयघात के खतरे को काम करता है। 
  • खजूर का नियमित सेवन करने से शरीर पर प्रदुषण का प्रभाव काम पड़ता है। साथ ही संक्रमणों से बचाव कर शरीर को स्वस्थ रखता है। 
  • कमजोर हड्डियों वाले इसका सेवन करें। इसमें पाए जाने वाले खनिज पदार्थ हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। व्यायाम, कसरत, योग करने वाले इसका सेवन करें, तो चुस्ती बनी रहती है। 
  • दुबले पतले लोगों को चार या पांच खजूर रोज दूध के साथ खाना चाहिए। इससे शरीर पुष्ट बनेगा और वजन बढ़ेगा। 
  • हालांकि, खजूर को खाने का भी एक तरीका है। खजूर हमेशा निर्धारित मात्रा में रात को पानी में भिगो दें  फिर सुबह साफकर दूध के साथ खली पेट खाना चाहिए। खजूर को भिगोने के लिए पानी और दूध दोनों ही उत्तम है। दूध में भिगो के खाने पर यह बल और पौरुष बढ़ाता है। 
  • कैंसर रोगी भी इसका सेवन कर सकते हैं। इसके दुष्परिणाम ना के बराबर हैं। प्रतिदिन खाना, नियत मात्रा में खाना, सर्दियों में खाना हितकर है। 


मूंगफली 

सर्दियों में लोग मूंगफली स्वाद और टाइमपास करने के लिए कहते हैं, लेकिन इसके स्वास्थ रक्षक गुणों को नहीं जानते। 
इसके सेवन से मधुमेह, पित्त की थैली की पथरी,स्मृति में वृद्धि, अवसाद और तनाव दूर करने, वजन कम करने, त्वचा को स्वस्थ बनाने और पेट के कैंसर जैसे भयानक रोगों को रोकने में भी मददगार है। 


मूंगफली के फायदे 

  • सौ ग्राम कच्ची मूंगफली में एक लीटर दूध के बराबर प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। 250 ग्राम भुनी मूंगफली में 250 ग्राम मीट से भी अधिक खनिज और विटामिन पाया जाता है। 50 ग्राम मूंगफली खाने से मधुमेह के रोगी का शर्करा का स्तर संतुलित रहता है। रक्त बनने की प्रक्रिया में उन्नति होती है। सर्दी जुकाम से बचाव के लिए हर रोज इसका सेवन करें, इससे शरीर में गर्माहट रहेगी और फेफड़े मजबूत होंगे। 
  • ह्रदय रोगी इसका सेवन करें, तो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियमित होता है। सिर के झड़ते बाल तथा गंजे लोगों को इसका प्रयोग करने से सिर की सतह मजबूत होती है। बालों का विकास होता है तथा बाल गिरने की समस्या हल होती है। इसके अलावा सोरायसिस, एक्जिमा सूजन,चमड़ी की लालिमा जैसे त्वचा रोगों में भी यह सहायक है। 
  • वजन कम करने के इच्छुक इसका सेवन करें, तो भूख कम होगी, लेकिन शरीर का शक्ति स्तर सामान्य रहेगा और वजन धीरे-धीरे कम होगा। अवसाद, तनाव महसूस करते हैं, तो इसके मक्खन का प्रयोग करें। पेट के कैंसर में प्रतिदिन दो चम्मच मूंगफली का मक्खन खाया जाए , तो कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक है। 
  • महिलाओं की प्रजनन शक्ति को मजबूत बनाने के लिए इसका उपयोग उत्तम है। गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को संरक्षण प्रदान करता है। स्मृति भृंश, याददाश्त की कमी तथा तंत्रिका संबंधी क्षति को रोकने के लिए उबाली हुई या भुनी हुई मूंगफली का सेवन लाभकारी है। उक्त सभी उपाय सामान्य हैं प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।        
   
     

neha maurya
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